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सराकर ने दिखाई GST को लेकर ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के प्रति उदासीनता, 28% जीएसटी रहेगा बरकरार

बीते शुक्रवार हुए जीएसटी काउंसिल की मिटिंग में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक बार फिर से जीएसटी में बदलाव की घोषणा की है, पर जहां इस बार खाघ पदार्थों में थोडी बहुत राहत मिली वहीं दूसरी तरफ ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर लगा 28 प्रतिशत कर बरकार रखा गया है। Also Read: पहले से ज्यादा शर्तों भरा होगा दिल्ली का इस बार का ऑड-इवन

इस मिटिंग में उम्मीद की जा रही था कि हो सकता है काउंसिल हाईब्रिड व्हीक्ल पर लगने वाले 15 प्रतिशत सेस को खत्म कर देगी, जो उसने नहीं किया ।

हालांकि जीएसटी की सलैब्स में बदलावों की घोषणा करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि इस बदलाव से बाजार के रुख में सुधार होने की उम्मीद है। इस फैसले के बाद इकोनामिक्स टाइम्स के हवाले से हुंडई मोटर के सेल्स एंण्ड मार्केटिंग के डायरेक्टर राजेश श्रीवास्तव ने इस मिंटिंग की के बारे में कहा कि हम चाहते थे कि इस बार ऑटोमोबाइल में भी कुछ बदलाव होंता, जो नहीं हुआ।Also Read: ये है 7 लाख से शुरू. होने वाली 4 बेस्ट 4X4 एसयूवी

क्योंकि आज के समय में ऑटोमोबाइल की आवश्यकता तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में अगर इस मामले पर थोड़ा विचार- विमर्श किया जाता तो अच्छा होता। फिर भी कुछ वस्तुओं पर हुए जीएसटी दरों में छूट की घोषणा अच्छी है, जिससे जनता को कुछ राहत मिलती नज़र आएगी। 

बता दें कि केंद्र सरकार ने कल ही जीएसटी में बदलाव किया है और चुइंग गम से लेकर चॉकलेटविग से लेकर हाथ घड़ी तक करीब 200 उत्पादों पर कर की दरें घटा दी। इस दौरान वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी परिषद की बैठक के बाद कहा कि आम इस्तेमाल वाली 178 वस्तुओं पर कर दर को मौजूदा के 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का फैसला किया है।

जीएसटी में बदलावों की यह घोषणा भले ठीक हो लेकिन असलियत यह है कि जिस सरकार अब भी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री तरफ अपनी उदासीनता बनाए हुए है जो शुक्रवार को हुई काउंसिल मिटिंग में साफ देखा जा सकता था । Also Read: SIAM INDIA के जारी पेसेंजर कारों की ब्रिक्री के आकंड़ों से उड़ी ऑटोमोटिव मार्केट की नींद

 

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