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क्या ये वही कार है जिसे आप खरीदना चाहते हैं जो आपकी सभी ज़रूरतों के पूरा करती  हैं? यह एक ऐसे सवाल की तरह लगता  है –  जब आप एक नई कार की तलाश कर रहे हैं, तो बहुत सारी गाडियों के मॉडल्स आपको भ्रमित कर सकते है ,इसलिए ये जरूरी है की आप अपनी आवश्यकताओं को प्राथमिकता दें। कार नई ख़रीदे या पुरानी? कार मॉडल कैसा दिखता है या कार का इंजन कितना उपयोगी है। यदि आप प्रति दिन 10 किमी से कम यात्रा करते हैं, तो माइलेज को टॉप प्रायोरिटी के रूप में क्यों मानते हैं? पेट्रोल गाडी खरीदे या डीजल?

 इन सवालों के जवाब देने के लिए, और आपकी खरीद और बिक्री को आसान बनाने के लिए, आपके सभी सवालों के उत्तर इस प्रकार है:

नई या पुरानी सेकंड हैण्ड कार

नई कार खरीदने की बात ही कुछ अलग होती  है। हमारे समाज में नई गाड़ी खरीदना एक उपलब्धि के रूप में देखा जाता है, परन्तु नई गाड़ी खरीदने का एक नुक्सान डेप्रिसिएशन (depreciation,कीमत मे गिरावट) भी है । अथार्त जब आप डीलर से अपनी कार खरीद कर लाते हैं, तो आपकी खरीद मूल्य का लगभग 20 प्रतिशत भाग उसी समय कम हो जाता हैं क्योंकि यह तब एक सेकंड हैण्ड(used car) कार हो जाती है, कारों की कीमतों में पहले दो या तीन वर्षों में तेजी से गिरावट आती हैं जिसे  नए कार खरीदार को सहन करना पड़ता है ।

पुरानी कार खरीदार इस नुक्सान से पहले के सालो मे बच जाते है, क्यूकि पहला कार मालिक (First car owner) सबसे ज्यादा डेप्रिसिएशन (depreciation) को पहले ही सहन कर चुका होता है । बाद के वर्षो मे कारे धीमे रेट से depreciate होती है । हालांकि नई कार खरीदार इंजन, ट्रांसमिशन, रंग और इंटीरियर फिचर्स का चुनाव कर पाता है, लेकिन पुरानी कार खरीदारों को ये विकल्प नहीं मिलते है।

नए कार खरीदार को एक नई कार की वारंटी का आश्वासन मिलता है, ताकि अगर कुछ भी गलत हो जाता है तो उन्हें किसी बड़े रिपेयर बिल का सामना नहीं करना पड़ेगा। वही पुरानी कार खरीदार को ऐसी कोई वारंटी नहीं मिलती और अगर लेने के बाद कार में कोई खराबी निकल जाती है तो बड़े रिपेयर बिल का सामना करना पड़ सकता है।

हालांकि पुरानी कार खरीदने के भी अपने फायदे है । जैसे की नई Tata Tigor, Maruti Swift Dzire की कीमत में आप पुरानी Honda City तथा Ford Ecosport ले सकते है । बस चिंता इस बात की है की पहले कार मालिक ने अपनी कार के साथ कैसा व्यव्हार किया था, ये पता नहीं चल पाता।

पेट्रोल या डीजल कार

पेट्रोल और डीजल इंजन दोनों के ही अपने फायदे और नुकसान है। हालांकि दोनों इंधन के  प्रति लीटर कीमत मे अंतर लगभग 11-12 रुपये का है तथा यह अंतर दिन-प्रतिदिन कम भी हो रहा  है, ताकि आप अपनी आवश्यकताओं के आधार पर अपनी कार चुन सके।

डीजल इंजन पहले धीमी गति से चलने वाले और शोर करने वाले होते थे, वही नए डीजल इंजन उतने ही रिफाइंड है जितने की पेट्रोल इंजन । इसके अलावा कई डीजल इंजन  उच्च प्रदर्शन वाले मॉडल में भी लगाए गए है। यह डीजल इंजन कम कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन(emit) करते है, इसलिए वे प्रदूषण कम करने के मामले में बेहतर होते है। हालांकि, डीजल इंजन अधिक पार्टिकुलेट (particulates)को पंप करते हैं, जिसके कारण स्मोग (Smog) बनती है और यह सांस और हृदय से जुडी बीमारियों को बढाती हैं। इन्ही कारणों की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने डीजल इंजन पर अपना कड़ा रुख अपनाया था ।

पेट्रोल इंजन क्लीनर होने के  साथ ही अधिक सस्ते भी हो रहे है । डायरेक्ट-इंजेक्शन तकनीक(Direct-injection technology) अब कई मॉडल में पेश की जा रही है। जिससे परफॉरमेंस को ज्यादा महत्व देने वाली  पेट्रोल कारों के विकल्प चुने जाते हैं, हालांकि कई डीजल आप्शन 50-80kph पेट्रोल कार की तुलना में तेज़ गति से चलती है – डीजल गाड़िया रोज की ड्राइविंग में अधिक लाभकारी है परन्तु पहले 0-60kph में पेट्रोल कार्स , डीजल कारों को पछाड़ देती है।  पेट्रोल मॉडल की तुलना में नई डीजल कारों की कीमत थोड़ी अधिक है और डीजल कारों की रिसेल वैल्यू(resale value) भी बेहतर है।   Also Read; जानने के लिए पढ़े:  भारत में  कौन सी है 5 सर्वश्रेष्ठ माइलेज कार     

डीजल की कीमते पेट्रोल की तुलना में कम है और इसलिए अधिक ड्राइव करने वालो को डीजल गाड़िया सस्ती पड़ती है। डीजल वर्जन अपने पेट्रोल वर्जन की तुलना में ज्यादा फ्यूल इकॉनमी देता हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि एक डीजल कार अपको तभी मुनाफा दोगी जब आपकी कार की एक वर्ष की माइलेज 18,000 किलोमीटर से अधिक हो। यदि आपकी सालाना माइलेज उस से कम है या फिर सालाना 18,000 किमी से भी कम है तो बिना सोचे पेट्रोल वर्जन का चुनाव करे।

आपके और आपके परिवार के लिए सही कार :

हमारे देश में कुल 150 -170 गाडियों के मॉडल्स उपलब्ध है जो की 3 लाख से 12 करोड़ तक कीमत के है , इसलिए  अपनी कार की कीमत निर्धरित करनी होगी। एक बार अपनी कार दर को (price range) तय करने के बाद आपको यह पता लगाना चाहिए कि किस तरह की कार आपकी रोजमर्रा की जरुरतों  को पूरा करेगी जैसे – अगर आप सिर्फ दो लोगो का परिवार है तो आपको Toyota Innova जैसी बड़ी MUV ((Multi utility vehicle) तथा Maruti Suzuki Ertiga खरीदने की कोई जरुरत नहीं।

मार्किट में गाडियों के तेजी से बढते उत्पादन और कई सारे नए मॉडल्स आने के कारण  आपको  कार  खरीदने के कई अच्छे आप्शन मिलेंगे, जो आपके बजट में फिट होंगे। जिसके साथ आपको यह भी विचार करना चाहिए की आप कितने समय तक अपनी कार को रखने की योजना बना रहे है और समय के साथ आपकी आवश्यकताओं कैसे बदल सकती है – जैसे भविष्य में बच्चों के होने के बाद आपकी जरूरते कैसे बदल सकती हैं। इसलिए, कार पर निर्णय लेने से पहले अपनी आवश्यकताओं पर ध्यान जरूर दें ।

इन कुछ प्रारंभिक सवालो के जवाब आपको उपयोगी कार का चयन करने मे सहायक होंगे , परन्तु इन  सवालों के  जवाब जानने के बाद आपकी थोड़ी और रिसर्च आपको तथा आपके परिवार को लंबा साथ देने वाली पसंदीदा कार दिलवा सकती है ।

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